सकोल गांव की स्थिति
लोकसभा चुनाव 2024 : पठानकोट से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित सकोल गांव में लगभग 40 घर हैं। केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं यहां पहुंची हैं, लेकिन सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की अभी भी कमी है। यह गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है, जिससे समस्याएं बढ़ जाती हैं।
सुरक्षा का मुद्दा
पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने के बावजूद सकोल गांव में सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं है, क्योंकि यहां बीएसएफ तैनात है। हालांकि, सड़कों की हालत खराब है,एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने में भी बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है वह सरकार से बहुत बड़ी गुजारिश कर चुकी है कि उनके गांव में सड़क बनाया जाए और वह सरकार के द्वारा दी जाने वाली योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही |
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ
गांव का पहला पक्का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है। हाउस वाइफअनीता कुमारी बताती हैं कि पहले वह कच्चे मकान में रहती थीं, जिसकी छत बारिश में टपकती थी। उन्हें पक्का मकान बनाकर मिल चुका है पर उन्हें यह नहीं पता यह किसने बना कर दिया है भाजपा की सरकार में या कांग्रेस की सरकार |
पानी की समस्या
अनीता की पड़ोसी संतोष कौर और कुलजिंदर कौर बताती हैं कि हर घर जल योजना के तहत उनके घरों में पानी तो आ रहा है, लेकिन यह पीने योग्य नहीं है। पाइप टूटने से सीवरेज का पानी इसमें मिल जाता है, जिससे गांव वाले बीमार हो जाते हैं। पीने के पानी के लिए वे हैंडपंप पर निर्भर हैं।
परिवहन और शिक्षा की समस्याएं
गांव की सबसे बड़ी समस्या परिवहन की है। सबसे नजदीकी कस्बा बमियाल पांच किलोमीटर दूर है, लेकिन वहां तक जाने के लिए कोई साधन नहीं है। बच्चों को 12वीं कक्षा तक की शिक्षा के लिए बमियाल तक पैदल या साइकिल से जाना पड़ता है। इसके बाद उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बच्चे पढ़ाई छोड़कर खेती या मजदूरी करने लगते हैं।
नई सरकार से उम्मीदें
गांव वालों को अपने प्रशासनिक काम के लिए 40 किलोमीटर दूर मलकपुर जाना पड़ता है। गांव में न तो किसी पार्टी का पोस्टर है और न ही बैनर। नई सरकार से उनकी अपेक्षाएं हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन की बेहतर व्यवस्था की जाए। बच्चों को 12वीं के बाद भी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले और बमियाल में कोई इंडस्ट्री लगाई जाए।
- लोकसभा क्षेत्र: गुरदासपुर
- भाजपा से दिनेश बब्बू
- कांग्रेस से सुखजिंदर सिंह रंधावा
- आप से अमनशेर सिंह कलसी
- शिअद से दलजीत सिंह चीमा
सकोल गांव के लोग नई सरकार से उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उनके जीवन में सुधार आएगा।